::..कभी कभी लोग बेहतर👌🏻की तलाश में,
बेहतरीन को खो देते है..:👆🏻😏
तेवर तो हम वक्त आने पर दिखायेँगेँ.. शहर तुम खरीद लो हूकूमत हम चलायेँगेँ
मजबुरीयां तुमहारी थी और देख …!! तनहा हम हाे गऐ
भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
सोचा था आज कुछ तेरे सिवा सोचूँ तब से सोच में हूँ कि और क्या सोचूँ
~Jab Tak Ziinda Hoon Mere Hoke Jee’Lo, Kuch Hi Diin Ki Baat Haii Phiir Jo Chahe Kar Lena .. ‘
Main nai chahta khuda k zindgi 100 saal ki de, Thodhi hi sahi par…….. jo bhi de kamaal ki de
बहुत भीड़ है मोहब्बत के इस शहर में, एक बार जो बिछड़ा, वो दोबारा नहीं मिलता..
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं मेरी बुराई ना सुन सके !!
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