ना चंपा ना पारो आपना तो एक ही ऊसूल है हर लडकी पे लाईन मारो…
मेला लग जायेगा उस दिन शमशान मे, जिस दिन मे चला जाँऊगा आसमान मे
Koi paband muhabbat hi bta skta hai ___ Ek deewany ka zanjeer se rishta kya
~Waha Tak Saath Chaltey Haii .. Yaha Tak Saath Mumkiin Haii .. ^
याद करने की हमने हद कर दी लेकिन , भूल जाने में तुम भी कमाल करते हो ||
अजीब है इन्सान की शख़्सियत यारों, हवस ख़ुद की उठती है “तवायफ़” उसे बोलता है…
वो मोहब्बत भी जहर बन जाती है….. अगर किसी को हद से ज्यादा चाहो……
jindaa rhne k liye…. rooh ki jrut hoti h saash ki nhi..
शीशा टूटने के बाद बिखर जाए वो ही बेहतर है, क्यूंकि दरारें ना जीने देती है और ना ही मरने Continue Reading..
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