Mat poochh mujhe iss tasveer mein kya rakha hai
bholi si aankhon mein sansaar racha rakha hai
inn ankhon se jhalakte sawalon mein,main hoon
tumne khud mein kahin mujhko chhupa rakha hai
Related Posts
मुझे खेरात में मिली खुशियां अच्छी नही लगती।।में अपने गमो में भी रहता हूँ ।।नबाबों की तरह ,,,,,,
सुन पगली . एक हमला हमारे दिल पे भी कर दो… . बस_यूही तुम्हारी यादें . SurgicalStrike करके घायल करती Continue Reading..
सुना है आजकल तेरी मुस्कुराहट गायब हो गयी है, तू कहे तो फिर से तेरे क़रीब आ जाऊँ.
मेरा ईश्क हदें तब भूल जाता है..जब लड़ते लड़ते वो कहती है लेकिन प्यार मैं ज्यादा करती हूं तुमसे
मैनें उन तमाम_लोगों से रिश्ता तोड़ दिया है 🙁 पगली :p जो तुम्हें भूलने की सलाह दे रहे थे..
रेल की तरह गुजर तो कोई भी सकता है ….. पटरी की तरह इंतजार में पड़े रहना ही असल इश्क Continue Reading..
तेरी *आँखो* से काश कोई इशारा तो होता कूछ ही सही मेरे जीनेका सहारा तो होता
चलो आज करते हैं शेर-ओ- शायरी का मुक़ाबला, तुम ले आओ मीर, ग़ालिब, फ़राज़ की किताबें, मैं सिर्फ अपने महबूब Continue Reading..