गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
नही थी मेरे हाथों में उसे पाने की लकीर चीर दिया पूरा हाथ एक लकीर बनाने के लिए
-Guzar Hi Jayengi Furqat Ki Ye Lambii Raatein, Jo Tu Nahi Na Sahi Tera Intezaar To Haii .. ‘
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है, और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए.. मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे Continue Reading..
ज़िंदगी भर मौत के लिए दुआ करते रहे खुद से.. और जब जीना चाहा तो दुआ क़बूल हो गई…!!
हर यार – यार नहीं होता.. हर यार वफादार नहीं होता.. दिल आने कि बात है.. नही तो सात फेरो Continue Reading..
नहीं जीना मुझे अब उस नकली अपनों के मेले में … खुश रहने की कोशिश कर लूंगा खुद हीं अकेले Continue Reading..
UDHTE prindo ko koi nhi ROK skta….. JO APNE hote hai WO khud hi LAUT kr aate hai….
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