~ Badaltey Mausam Aur Badaltey Log Boht Takleef Detey Haii .. ‘
मैं हँसता हूँ तो बस अपने ग़म छिपाने के लिए.. और लोग देख के कहते है काश हम भी इसके Continue Reading..
उनकी गलियो से गुजरना तो बहुत आम था… बहाना भी एक कि कोई बेहद जरुरी काम था…
लोग कहते हैं नफ़रत ख़राब चीज़ है,* *तो मोहब्बत ने कौनसा झूला झुलाया है हमे.
यूँ तो मुझे झूठ से सख्त नफरत थी, लेकिन अच्छा लगता था जब वो मुझे “जान” कहा करती थी..
ज़िन्दगी इतनी मुश्किल इसलिए है, क्यूंकि लोग आसानी से मिली चीज की कीमत नहीं जानते !!
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें….!! मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से……!!
जिसको मुझ पर भरोसा नहीं है, उसकी मेरी जिंदगी में कोई जरुरत नहीं है !!
-Mohabbat Ko Azmana Haii Toh Bas Itna Hii Kaffii Haii Zara Rooth Kar Dekho Kon Mananey Aata Haii .. ‘
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *