नहीं मिलेगा तुझे कोई हम सा, जा इजाजत है ज़माना आजमा ले.
~Meiin Tumharii Woh Yaad Hoon, Jisey Tum Aksar Bhool Jatey Ho ..’
जुबान का वजन बहुत कम होता है लेकिन इसको बहुत कम लोग ही संभाल पाते है
मोहब्बत यूँ ही किसी से हुआ नहीं करती…. अपना वजूद भूलाना पडता हैकिसी को अपना बनाने के लिए…।
हम एक दिन महरूफ़ क्या हुए, जनाब ने तोहमत लगा दी खुद को भूल जाने की.
*न जाने कैसी “नज़र” लगी है “ज़माने” की…* कमब्खत *”वजह”* ही नही मिलती *”मुस्कुराने”* की.
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने….. हमें इश्क का शौक है, आवारगी का नही…
Kaun yaad rakhta hai pyar karne walo ko, Jo jitni gahri chot deta hai, wo utna hi yad rahtaa hai..
फिर से हो रही थी मोहब्बत उन्हें मुझसे…. ना खुलती आँख तो ,बस वो मेरे हो ही चुके थे… ..✍♡💕
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