Kaaaash…! Kay Tu Mera Hota, Yaaaaa…! Ya Tamanna Teri Hoti..!
भूखा पेट,खाली जेब और झूठा प्रेम इन्सान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा जाता है
हजारो बार ली हैं तलाशियाँ तुमने मेरे दिल
वो रोटी चुरा के चोर हो गया. . . लोग मुल्क खा गए, कानून लिखते लिखते.
उपलब्यधियाँ और आलोचनाएँ एक दुसरे की मित्र है उपलब्यधियाँ बढेगी तो निशचित ही आपकी आलोचनाएँ भी बढेगी
ख़ुशी कहा हम तो “गम” चाहते है, ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें “हम” चाहते हे.
मोहब्बत नाम पाने का ही नहीं है सिर्फ, कभी कभी सबकुछ खोने को भी मोहब्बत कहते है !
अनदेखे धागों में, यूं बाँध गया कोई, की वो साथ भी नहीं, और हम आज़ाद भी नहीं !!
अक्ल कहती है, ना जा कूचा-ए-क़ातिल की तरफ; सरफ़रोशी की हवस कहती है चल क्या होगा।
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